WHAT IS MOD DRIVE IN HINDI

दोस्तों आज मैं आपको मोड ड्राइव के बारे में बताने वाला हूं तो इस पोस्ट को कृपया पूरा पढ़ें क्योंकि आजकल के जमाने में हर चीज का नॉलेज होना बहुत ही जरूरी है तो इस पोस्ट में हम मोड ड्राइव के ऊपर चर्चा करेंगे तो हमारी पोस्ट को कृपया पूरा पढ़ें इस पोस्ट में आपके मोड ड्राइव से जुड़े कई सारे डाउट क्लियर होंगे तो आइए शुरू करते हैं

 what is MOD drive

 मोड ड्राइव का पूरा नाम magneto-optical drive है जोकि बिल्कुल ऑप्टिकल डिस्क ड्राइव के जैसी ही होती है मोड  ड्राइव से magneto-optical की जो डिस्क होती है उस डिस्क पर राइटिंग एंड री राइटिंग का कार्य किया जाता है यह लगभग 130mm  वहां 90 एमएम दोनों ही फैक्टर में अवेलेबल होती है यह जो तकनीक है वह तकरीबन वर्ष 1985 में प्रस्तुत की गई थी मोड राई लिखने में बिल्कुल हार्ड डिस्क ड्राइव की तरह ही है और इसे फॉर्मेट करने के लिए हमें किसी भी फाइल सिस्टम के साथ फॉर्मेट किया जा सकता है अगर हम जापान की बात करें तो जापान जैसे देशों में मैग्नेट ऑप्टिकल ड्राइव का यूज सामान्य रूप से होता है


technology and working principle of mod drive

 दोस्तों  मोड इसकी जो होती है वह फेरोमैग्नेटिक पदार्थ से बनी होती है और इसमें एक प्लास्टिक कोटिंग युक्त एक खिड़की होती है जब इसमें recording होती है तब ही फिजिकल कांटेक्ट बनता है जब एक मैग्नेटिक हेड लेजर के विपरीत डिस्क की साइट के साथ जाकर बीम  बनाता है तब रीडिंग के समय लेजरडिस्क पर एक बीम पड़ती है जोकि सरफेस की चुंबक की जो अवस्था होती है उस पर निर्भर करती है इससे उत्पन्न लाइट मिनट ऑप्टिक केयर के प्रभाव के कारण परिवर्तित होती है रिकॉर्डिंग जब हम करते हैं उस समय सिंगल सपोर्ट में लेजर पावर डिस्क पावर की जो हिट होती है उस हिट को क्यूरी बिंदु तक बढ़ाती है model disc ke  विपरीत की साइट के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक को इनेबल करने के लिए उसके लोकल मैग्नेटिक पोलराइजेशन को बदल देते हैं अब जो राइट साइकिल जो होती है राइट साइकिल में दोनों पास की आवश्यकता होती है क्योंकि एक पास जो होता है वह संभावित क्षेत्र को नीरज करता है और जो दूसरा पास जो होता है व अन्य पास सूचना को उस पर लिखने का कार्य करता है जब दोनों पास रिकॉर्डिंग लेयर को हिट करने के लिए जब लेजर का प्रयोग करते हैं तब मैग्नेटिक फील्ड रिकॉर्डिंग लहर के मैग्नेटी ओरियंटेशन को बदलने का कार्य करता है इसमें प्रयुक्त जो इलेक्ट्रोमैग्नेटिक की  polarity जो होती है  वह राइटिंग हेतु रिवर्स हो जाती है और लेजर रिकॉर्डिंग के लिए 1 तथा इरेज़ करने के लिए 0 सपोर्ट करता है

  capacity of mod drive

 दोस्तों Mod drive जो केपीसीटी होती है वह तकरीबन 650 एमबी से 9 पॉइंट 2 जीबी तक होती है यह क्षमता डिस्क के दोनों साइड में विभाजित होती है अगर उदाहरण के तौर पर हम बात करें तो तकरीबन 2 पॉइंट 6GB डिस्क के एक और होगा और 1 पॉइंट 2GB डिस्क के दूसरी तरफ होगा 90 एमएम डिस्क की पूर्ण क्षमता एक्साइड अवेलेबल होती है तथा इस डिस्क के दूसरी साइट स्टोरी क्षमता नहीं होती है अक्सर मॉडल का यूज़ बड़े विशाल आकार के जो डाटा होते हैं उनको स्टोर करने के लिए किया जाता है क्योंकि इसकी जो सुनता है वह 128mb से तकरीबन 9 पॉइंट 2 जीबी तक होती है जिसके फल स्वरुप एक ही मोड डिस्क अधिक डेटा को स्टोर कर सकती है

 repair work of Mod drive

 दोस्तों में रिपेयर की अगर बात करें तो मोड ड्राइव में भी दूसरी ड्राइवर की तरह ही धूल मिट्टी तैलीय पदार्थ से दूर ही रखना चाहिए क्योंकि धूल मिट्टी आदि लग जाने से इसमें कई तरह की रुकावट पैदा हो सकती है दूसरी परिस्थिति में डिस्को को रीड ओर राइट नहीं कर पाती क्योंकि उसमें दूर जाने से रीड राइट करने में डिस्क में समस्या उत्पन्न होती है सदा डिस्क बार-बार अटकना ओपन क्लोज नहीं हो पाना जैसी समस्याएं सामने आती है और कई तरह के फंक्शन भी सही प्रकार से कार्य नहीं कर पाते हैं तो इन दोषों को हम दूर कैसे करें तो दोस्तों मोड ड्राइवर के सभी जो पार्ट्स होते हैं उन्हें हमें साफ कपड़े से साफ करना चाहिए तथा डिस्को को हमें रेगुलर ई देखना चाहिए चेक करना चाहिए कई बार ऐसा होता है कि डिस्को जो होती है वह डैमेज हो जाती है और डैमेज होने के कारण मैं सही तरीके से कार्य नहीं कर पाती इसलिए हमें हमेशा समय-समय पर ड्राइव को चेक करना चाहिए

 important parts of  Mod drive

  अगर हम मोड ड्राइव के पार्ट्स के बारे में बात करें तो यह एक ऑप्टिकल सिस्टम यांत्रिक सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट है यांत्रिक सिस्टम के गर्म बात करें तो यांत्रिक सिस्टम में बहुत तरह के पार्ट्स आते हैं जैसे गियर बेल्ट मोटर और अन्य जो मैकेनिकल साधन जो होते हैं पार्ट्स वह आते हैं जोकि मोड डिस्को फिट करने में और बाहर निकालने के साथ-साथ उसमें जो स्पिंडल होता है उसको घुमाने का कार्य भी करते हैं इसके साथ ही साथ ऑप्टिकल सिस्टम में लेजर अभी भी आते हैं जो लेजरबीम को उत्पन्न करने और उसे डिस्क पर डालने का कार्य करते हैं इस लेजर बीम के द्वारा ही डिस्क पर रीडिंग और राइटिंग का कार्य किया जाता है मोड राइट में सभी फंक्शन ओं को कंट्रोल करने के लिए और डाटा परिवर्तन के लिए इलेक्ट्रॉनिक परिपथ जो होता है उसका यूज़ किया जाता है जिसमें कंट्रोलर अन्य जो इलेक्ट्रॉनिक के जो कंपोनेंट्स होते हैं वह उसमें यूज किए जाते हैं यह सभी अंग मिलकर मोड ड्राइव को यूज़ बल बनाते हैं।

दोस्तों हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी जैसे कि हम आप आपको आज मोड राय के बारे में बताया है अगर इस आर्टिकल में किसी तरह की कोई गलती हो तो प्लीज हमें कमेंट करके बताएं हम उस गलती को सुधारने की पूरी कोशिश करेंगे हमारे ब्लॉक को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद अगर आपको किसी भी तरह की कोई और जानकारी टेक्नोलॉजी से रिलेटेड अगर चाहिए तो प्लीज हमें कमेंट करके जरूर बताएं एक बार फिर आपका दिल से धन्यवाद।

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