WHAT IS LINUX

हेल्लो दोस्तों आज इस पोस्ट में आपको LINUX के बारे में बताया जायेगा अगर आप LINUX के बारे में जानना चाहते हे तो प्लीज़ हमारे पोस्ट को पूरा पड़े हम आपको LINUX की जानकारी देने की पूरी कोशिश करेंगे | और साथ ही अगर आप स्टूडेंट हे आप को LINUX के बारे में जानकारी चाहिए या आपका कोई दोस्त हे उसके साथ भी इस पोस्ट को ज़रूर शेयर करे ताकि LINUX की जानकारी हो जाये |
तो आइये दोस्तों शुरू करते हे |
WHAT IS LINUX
WHAT IS LINUX 
तो दोस्तों लिनक्स  जो हे वो पूरा यूनिक्स पर आधारित है तथा LINUX  एक ऑपरेटिंग सिस्टम जिसको  1970 के दशक में विकसित किया गया था  और जिसे आज भी  इस्तेमाल किया जाता है, तथा LINUX OS खासकर इंटरनेट चलाने के लिए किया जाता हे  तथा  लिनक्स का उपयोग इंटरनेट के कुछ हिस्सों को चलाने के लिए भी  किया जाता है, इसके साथ साथ ही  छोटे और बड़े नेटवर्क को कॉपोरेशंस, ऑफिस और घरों में चलाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। लाइनेक्स का पूरा सोर्स कोड इंटरनेट पर उपलब्ध है कोई भी व्यक्ति उसे सुधार कर सकता है उस कोड में मॉडिफाई कर सकता है।दोस्तों लाइनेक्स में चलने वाले सभी प्रकार के सॉफ्टवेयर आजकल आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं जैसे वर्ड प्रोसेसर स्प्रेडशीट डेस्कटॉप पब्लिशिंग इमेज प्रोसेसिंग ड्राइंग आदि।

WHAT IS LINUX
WHAT IS LINUX 

Main features of Linux

दोस्तों लाइनेक्स के बहुत सारे फीचर्स हैं और इसकी कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएं भी है जो निम्न है।

Multi user-दोस्तों लाइनक्स में एक ही समय में एक से अधिक यूजर काम कर सकते हैं।
Multiprogramming-लाइनेक्स कई सारे प्रोग्राम को एक साथ रन कर सकता है वहीं उधर कई तरह के प्रोग्राम एक साथ यूज़ कर सकता है।
Graphical user interface-दोस्तों इस विंडोस को एक्सविंडोज के नाम से भी जाना जाता है विंडोस के पति इसमें भी डेक्सटॉप आइकन में न्यू प्रेम आदि समस्त जो सुविधाएं होती है वह इसमें मिलती है आवश्यकता होने पर इसमें दोस्त की की तरह कमांड लाइन इंटरफेस में भी कार्य किया जा सकता है।
Apache web server-दोस्तों लाइनेक्स में अपाचे वेब सर्वर प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं जिसमें वह पेजों को तैयार करना तथा व्यवस्थित कार्य किया जाता है तथा उन्हें व्यवस्थित किया जाता है।
दोस्तों इसके और भी अनेक फीचर्स मौजूद हैं।

WHAT IS LINUX
WHAT IS LINUX 

Main drawbacks

दोस्तों लिनक्स की दो विशेषताएं हैं विशेषताओं के अलावा इसमें कुछ कमियां भी है और जो कमियां है वह कुछ इस प्रकार है।


इसकी पहली कमी जो है वह प्रमुख कमी यह है कि इस पर कार्य करना बहुत ही कठिन है लाइनेक्स में सभी आदेशों को उनके सेंटेक्स सहित याद रखना पड़ता है।

लाइनेक्स की दूसरी जो ड्रॉबैक्स है वह यह है कि इसमें किसी भी प्रोग्राम को हटाना बहुत ही कठिन होता है तथा लाइनेक्स में नया हार्डवेयर जोड़ना भी कठिन होता है क्योंकि विंडो में हार्डवेयर के अधिकांश ड्राइवर उपलब्ध है किंतु लाइनेक्स के साथ ऐसा नहीं है इसमें नया हार्डवेयर जोड़ने के लिए ड्राइवर हार्डवेयर निर्माता को ही तैयार करना पड़ता है।

दोस्तों जो लाइनेक्स पहली बार यूज करता है कहने का मतलब नया उपयोग नहीं उपयोगकर्ता नया यूजर उसके लिए कम ऑनलाइन का प्रयोग सीखना बहुत ही कठिन है क्योंकि click or pointing के स्थान पर उसे कमांड याद रखने पड़ते हैं।

Structure of Linux

लाइनेक्स की जो संरचना होती है वह इस रचना में निम्न को सम्मिलित किया गया है तो सबसे पहले बात करते हैं हार्डवेयर की हार्डवेयर सभी पेरीफेरल डिवाइसेज को शामिल करता है जैसे रैम हो गई हार्ड डिक्स हो गई आदि  इसके साथ जो दूसरा है वह है कर्नल कर्नल क्या होता है कर्नल लाइनेक्स का मुख्य भाग होता है जो लाइनेक्स के साथ सीधे संपर्क करता है ऊपर लेयर कंपोनेंट को लो लेवल सर्विस यही प्रदान करता है यह लाइन इसके अन्य प्रोग्राम को चलाता है और कंप्यूटर के सभी हार्डवेयर हार्डडिस्क सीडी आदि हार्डवेयर है उसे व्यवस्थित करता है इसके बाद जो होता है सेल सेल क्या होता है सेल एक ऐसा प्रोग्राम होता है जिससे जो होता है वह सीधे उस उसके संपर्क में आता है यूजर द्वारा दिए गए कमान को कर्नल तक पहुंचाता है शेर एक कार्यकर्ता है इसके होता है वही होता है जो कंप्यूटर का प्रयोग करता है लाइनेक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में यूज होती है जिनके अनुसार उन्हें विभिन्न कार्य करने तथा फाइलों तक पहुंचने का अधिकार मिलता है

 TYPES OF USERS IN LINUX

 system administrator– system administrator सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर का मुख्य दायित्व सिस्टम को सुचारू रूप से चलाना होता है सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर कंप्यूटर को सर्वर की तरह चलाता है और यूजर और उपयोगकर्ता का समूह बनाता है उन्हें पासवर्ड प्रदान करता है और डेटा को नष्ट होने से बचाने के लिए समय-समय पर डाटा का बैकअप लेता है

 file owner यह किसी फ़ाइल का उपयोग करता होता है जो फाइल को क्रिएट करता है  तथा वह अपनी फाइल में कोई भी क्रिया कर सकता है जैसे कॉपी करना एडिटिंग करना या हटाना।

 Group owner अधिकतर कुछ यूजर किसी प्रोजेक्ट पर एक साथ कार्य करते हैं उन्हें सम्मिलित रूप में ग्रुप ओनर कहा जाता है इस ग्रुप में प्रत्येक यूजर अपनी फाइल का ऑनर होता है लेकिन व अन्य यूजर की फाइलों तक भी पहुंच सकता है इस ग्रुप में किसी एक यूजर को ग्रुप का ओनर बनाया जाता है बस अभी यूज़र की फाइलों तक पहुंच सकता है तथा उन फाइलों को आवश्यकता के अनुसार उपयोग भी कर सकता है।

 Other Users–  यह वह यूजर होते हैं जो किसी भी ग्रुप में शामिल नहीं होते हैं वह अपने आप में फ्री होते हैं कहने का मतलब स्वतंत्र जो होते हैं उन्हें आदर यूजर्स कहा जाता है वह अपनी बनाई हुई फाइलों के ओनर होते हैं परंतु अदर यूजेस अन्य यूजर की फाइलों तक नहीं पहुंच सकते।


Types of files in Linux

 दोस्तों LINUX operating system  मैं सभी प्रकार की  सूचना को फाइल माना जाता है Linux मैं फाइलों को  तीन रूपों में बांटा गया है।

 ordinary files दोस्तों यह फाइल्स यूजर्स के द्वारा बनाई जाती है जैसे डाटा फाइल प्रोग्राम फाइल या ऑब्जेक्ट फाइल सभी प्रकार की एग्जीक्यूटेबल फाइल उपयोगकर्ता इन फाइलों को अपनी सुविधा के  अनुसार इसमें किसी प्रकार का बदलाव भी कर सकता है।

 directory files Linux जब यूजर कोई डायरेक्टरी बनाता है तो लाइनेक्स एक डायरेक्टरी फाइल बना देता है जिसमें उस डायरेक्टरी में शामिल फाइलों के बारे में इंफॉर्मेशन होती है लेकिन डायरेक्टरी फाइल को यूजर द्वारा सुधारा नहीं जा सकता लेकिन जब भी डायरेक्टरी में कोई नई फाइल ऐड होती है या उधर की बनाई जाती है तो लाइनेक्स ऑटोमेटिक उस फाइल में सुधार कर देता है

 special files यह वे फाइल्स होती है जो सिस्टम के इनपुट और आउटपुट उपकरणों से संबंधित होती है और स्टैंडर्ड लाइनेक्स मैं पाई जाती है लाइनेक्स में अधिकांश फाइल है special files होती है जिनको यूजर सुधार नहीं सकता है।

  •  तो दोस्तों हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी प्लीज कमेंट करके बताएं हम और आगे लाइनेक्स के बारे में एडवांस जानकारी देने की पूरी कोशिश करेंगे धन्यवाद

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