Internal Linking क्या है? 2021 | और कैसे करे | जाने पूरी जानकारी

Hello दोस्तों आप सभी का एक बार फिर से स्वागत है हमारे ब्लॉग technicalvkv मैं आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि Internal Linking kya hai जी हां दोस्तों इंटरनल लिंकिंग SEO का बहुत ही Important Part हे अगर आप एक Blogger हे या Blogging शुरु करने जा रहे हैं तो ऐसे मैं आपको Internal Linking के बारे में जानना बहुत जरूरी हो जाता हैं।

Internal Linking की मदद से आप अपने Blog के ट्राफिक और रैंकिंग में सुधार कर सकते हैं लेकिन बहुत से नए ब्लॉगर को इंटरनल लिंकिंग के बारे में पता नहीं होता है और वह इससे होने वाले फायदे को खो देते हैं।

अगर आप हमारे इस आर्टिकल को पूरा पड़ते है तो आप Internal Linking के महत्व को अच्छे से समझ पाएंगे इस आर्टिकल में हम आपको Internal Linking क्या है, कैसे करते हैं और इसकी क्या फायदे हैं इसके बारे में पूरी जानकारी देंगे।

Internal Linking क्या है? 

दोस्तों Internal Linking का अर्थ होता है कि एक Blog मैं उसी Blog के Post या Page का Link Add करना Internal Linking कहलाता हैं।

जैसे कि आप कोई नई पोस्ट लिखते हैं और आप उसी पोस्ट में आप किसी दूसरी Valuable Post का लिंक ऐड करते हो तो यह Internal Link कहलाएगा।

 

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Internal Linking कैसे करें? 

चलिए दोस्तों अब हम जानते हैं कि Internal Linking कैसे करते हैं।

 

1. Anchor Text का उपयोग करें।

Internal Linking करते समय Anchor Text का उपयोग जरूर करें Google भी Anchor Text उपयोग करने की सलाह देता हैं।

पोस्ट में जिन शब्दों पर Link को ऐड करना होता है उन्हें ही Anchor Text कहते हैं।

आप जिस भी पोस्ट का लिंक ऐड कर रहे हैं उस पोस्ट का कंटेंट Anchor Text के साथ मैच करना चाहिए।

 

2. Do Follow Link का उपयोग करे।

पोस्ट में Internal Linking करते समय do follow links का उपयोग करना चाहिए इससे पोस्ट की रैंकिंग मैं हेल्प मिलती हैं।

बहुत से blogger no follow tags का उपयोग करते हैं इंटरनल लिंकिंग करते समय जो कि बिल्कुल भी सही नहीं हैं।

 

3. कंटेंट की शुरुआत में Internal Linking करें?

अगर आप पोस्ट में कंटेंट की शुरुआत में Internal Linking करते हैं तो यह Bounce Rate को कम करने में काफी मदद करता है इसलिए आप पोस्ट की शुरुआत में 1-2 इंटरनल लिंक जरूर ऐड करें ऐसा कर आप विजिटर को तुरंत क्लिक करने की अनुमति देते हैं।

 

4. Releted पोस्ट के Links को Add करें?

आप जो भी लिंक अपनी पोस्ट में ऐड कर रहे हो वह पोस्ट के कंटेंट से रिलेटेड होना चाहिए आप इस बात का खास ध्यान रखें क्योंकि Googlebot जब भी आपकी पोस्ट को crawl करेगा और अगर लिंक आपके कंटेंट से रिलेटेड है तो वह आपकी पोस्ट को अच्छे से क्रोल करेगा।

 

Internal Linking क्यों जरूरी है? 

Google पर रैंक करने के लिए Internal Linking करना बहुत जरूरी है Internal Linking की वजह से Googlebot हमारी पोस्ट को अच्छे से crawl करता हैं।

हमने नीचे Internal Linking के कुछ फायदे बताए हैं।

 

1. Bounce Rate को कम करता हैं

दोस्तों Internal Linking का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि यह बाउंस रेट को कम करने में काफी मदद करता हैं।

बाउंस रेट का अर्थ होता है कि अगर कोई विजिटर आप की पोस्ट पर आता है और तुरंत ही बाहर निकल जाता है और ऐसा बार बार होता है आपके ब्लॉग की बाउंस रेट बढ़ जाती है और यह आपके ब्लॉग SEO और सर्च इंजन रैंकिंग को प्रभावित करता हैं।

 

2. Crawl और Index मैं मदद करता है

ब्लॉग या वेबसाइट को सर्च इंजन मैं जल्दी इंडेक्स करने के लिए इंटरनल लिंकिंग बहुत जरूरी हैं।

वेबसाइट के स्ट्रक्चर को समझने और पोस्ट को इंडेक्स करने के लिए क्रॉलर Internal Linking को फॉलो करता हैं।

हमेशा पोस्ट में अपने Content से Releted स्मार्ट तरीके से और स्ट्रांग इंटरनल लिंकिंग करें ताकि क्रॉलर आपके ब्लॉग को अच्छे से क्रोल कर सके ओर सर्च इंजन मे आपको एक अच्छी रैंक मिल सके।

 

3. पुरानी Post की रैंक और ट्राफिक बढ़ाता है

Internal Linking द्वारा पुरानी पोस्ट पर ट्राफिक ले जाने का सबसे अच्छा तरीका है जब किसी पोस्ट में हम पुरानी पोस्ट का लिंक ऐड करते हैं तो इससे उस पोस्ट को Link Juice पास होता है जो पोस्ट की रैंकिंग में सुधार करता हैं।

अगर आप काफी समय से ब्लॉगिंग कर रहे हैं तो आपके पास बड़ी संख्या में ब्लॉग पोस्ट होगी आपके पास कोई पुराना आर्टिकल है जो यूजर के लिए बहुमूल्य जानकारी प्रदान कर सकता है तो आप नए आर्टिकल में उस पोस्ट का लिंक जरूर ऐड करें।

 

4. Internal Linking करने से पोस्ट SEO Friendly बनती है?

पोस्ट में Internal Linking करके आप उसे SEO Friendly बना सकते हैं इंटरनल लिंकिंग की मदद से यूजर आसानी से एक पेज से दूसरे पेज पर जा सकते हैं इससे यूजर आपकी पोस्ट पर ज्यादा समय बिताता हैं।

 

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Internal Linking करते वक्त ध्यान देने वाली बातें

दोस्तों आपने यह तो जान लिया कि Internal Linking क्या है कैसे करें और यह क्यों जरूरी है अब हम आपको इंटरनल लिंकिंग करते समय कुछ ध्यान देने वाली बातें यानी कि इंटरनल लिंकिंग करते समय हमें क्या गलती नहीं करनी चाहिए इसके बारे में बताएंगे।

 

  • पोस्ट में कभी भी no follow इंटरनल लिंकिंग नहीं करनी चाहिए अगर SEO Value चाहते हैं तो do follow इंटरनल लिंकिंग करना ही बेहतर रहेगा।
  • अपने पोस्ट के कंटेंट से से रिलेटेड ही इंटरनल लिंकिंग करें।
  • Automatic Internal Linking टूल या प्लगइन इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • कंटेंट की शुरुआत में इंटरनल लिंकिंग जरूर करें।

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निष्कर्ष

उम्मीद है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी Internal Linking kya hai अच्छी लगी होगी।

इस आर्टिकल में हमने आपको Internal Linking क्या है कैसे करते हैं और इंटरनल लिंकिंग करना क्यों जरूरी है इसके बारे में पूरी जानकारी दी हैं।

आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी कैसी लगी आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं इस आर्टिकल को पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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